6 मुखी रुद्राक्ष में 6 मुख होते हैं, जो भगवान कार्तिकेय का प्रतीक माने जाते हैं। यह साहस और आत्म-विश्वास को बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है।
धार्मिक महत्व
यह रुद्राक्ष भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय से जुड़ा है। इसे पहनने से व्यक्ति में शौर्य और साहस की भावना का विकास होता है, जिससे जीवन में सफलता मिलती है।
मानसिक संतुलन
6 मुखी रुद्राक्ष मानसिक संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है। यह क्रोध, गुस्से और हानिकारक भावनाओं को नियंत्रित करता है, जिससे मन शांत रहता है।
स्वास्थ्य लाभ
यह रुद्राक्ष हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करता है। इसके साथ ही यह थकान को कम करने और शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाने में भी मदद करता है।
धारण करने का तरीका
6 मुखी रुद्राक्ष को मंगलवार या किसी शुभ दिन धारण करना चाहिए। इसे गंगाजल से धोकर 'ॐ ह्रीं नमः' मंत्र का जाप करते हुए पहनें।
सावधानियां
रुद्राक्ष पहनते समय किसी तरह की अपवित्र वस्त्र या मांसाहार से दूर रहें। इसे हमेशा पूजा के स्थान पर रखें और नियमित रूप से धूप-दीप दिखाकर शुद्ध रखें।
ऊर्जा और आत्मविश्वास
यह रुद्राक्ष पहनने से व्यक्ति की ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह मानसिक और शारीरिक कमजोरी को दूर कर साहस और शक्ति प्रदान करता है।
नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
6 मुखी रुद्राक्ष नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है और व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रखता है। यह जीवन में स्थिरता और शांति लाने में मदद करता है।